छत्तीसगढ़ प्रांत में कोरबा, सरगुजा एवं सुरजपुर जिले में लगभग 1,70,000 हेक्टेयर क्षेत्र मे फैले हसदेव अरण्य के जंगलों से लगभग लाखो पेडों को कोल ब्लॉक के विस्तार के नाम से काटा जा रहा है, जिससे वहां पर रहने वाले 10 लाख से ज्यादा आदिवासीयो के उपर विस्थापन के खतरा मंडरा रहा है एवं हसदेव अरण्य के जंगलो में हाथीयो एवं जगली पशुओं की भी भारी संख्या में मौजूदगी है, उनकी भी विस्थापन का घोर खतरा है और साथ-साथ हसदेव अरण्य के पेडो के काटने से जलवायु आपदा आना तय है तथा मिनीमाता बांगो डेम की वजह से लाखो एकड़ जमीन जॉजगीर, चांपा एवं सक्ति जिले तक सिंचित होती है, यह भी संकट में पड़ने वाली है, जिससे लाखो किसानों प्रभावित होगे। किन्तु केन्द्र एवं राज्य सरकार इन सब की परवाह किये बगैर पाँचवी अनुसूची क्षेत्र के आदिवासीयो एवं निवासीयो की सहमति के बिना और आदिवासीयो के घोर विरोध के बावजूद अडानी ग्रुप को कोल ब्लॉक आवंटित करना केन्द्र एवं राज्य सरकार की सामंतवादी पूंजीवादी के विनाशकारी निति को जाहिर की। गुरुवार को कलेक्टोरेट पहुंचकर बसपा कार्यकर्ताओं ने महामहिम राज्यपाल के पास कलेक्टर के द्वारा ज्ञापन सौंपते में मांग रखी है कि इस दिशा में जल्दी कोई निर्णय लेकर पेड़ों की कटाई से हो रहे नुकसान को बचाया जा सके।






