
रेलवे में मनमानी और लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हावड़ा-शिरडी एक्सप्रेस की पार्सल बोगी में निर्धारित क्षमता से ढाई गुना ज्यादा माल लोड कर दिया गया। चार टन की सीमा वाली इस बोगी में करीब नौ टन पार्सल भर दिया गया था। बिलासपुर स्टेशन पर विजिलेंस टीम की कार्रवाई के बाद इस खतरनाक खेल का खुलासा हुआ। मिली जानकारी के मुताबिक यह पार्सल दिल्ली से कोलकाता भेजा गया था और कोलकाता में उतारा जाना था। लेकिन जांच और पकड़े जाने के डर से लीज होल्डर ने वहां माल नहीं उतारा। इसके बजाय पूरी ओवरलोड बोगी को सीधे हावड़ा-शिरडी एक्सप्रेस से रवाना कर दिया गया। जब ट्रेन बिलासपुर पहुंची, तब बिना रेल कर्मचारियों की मौजूदगी के ही करीब पाँच टन पार्सल को उतार लिया गया।

बाकी चार टन माल सीधे शिरडी के लिए रवाना हो गया। विजिलेंस टीम ने मौके पर छापा मारकर बिना बुकिंग और अवैध तरीके से लोड किए गए माल को जब्त कर लिया।सीनियर डीसीएम ने बताया कि यह मामला दिल्ली–हावड़ा ट्रेन से जुड़ा था, जिसका लिंक हावड़ा-शिरडी एक्सप्रेस से निकला। शिकायत के आधार पर सेंट्रल विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई की है और अब विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। रेलवे के नियम साफ कहते हैं कि पार्सल बोगी में सिर्फ तय वजन ही लोड किया जा सकता है, ताकि ट्रेन का संचालन सुरक्षित रहे। ओवरलोडिंग से न सिर्फ बोगी का बैलेंस बिगड़ता है बल्कि बफर पर भी दबाव बढ़ जाता है, जिससे हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। नियमों को ताक पर रखकर किया गया यह खेल यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकता था। अब विजिलेंस टीम इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।




