
बिलासपुर को भले ही स्मार्ट सिटी और स्वच्छता का अवॉर्ड मिला हो, लेकिन मंगला वार्ड क्रमांक 13 और 14 की हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।धुरीपार मार्ग पर नगर निगम की गाड़ियां खुद कचरा डंप कर रही हैं। गीला-सूखा कचरा, मेडिकल वेस्ट, नाले की गंदगी और मृत मवेशी तक यहां फेंके जा रहे हैं।कचरे के ढेर से उठती दुर्गंध ने वातावरण को प्रदूषित कर दिया है। बरसात में हालात और बिगड़े हैं, जिससे डेंगू-मलेरिया और संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि निगम की गाड़ियों ने सड़क लाइट के खंभे तक तोड़ डाले, जिससे पूरा इलाका अंधेरे में डूबा है।वार्ड पार्षद रमेश पटेल और जनप्रतिनिधि विवेक सैनी ने बताया कि शिकायतें जोन कमिश्नर और आयुक्त तक की गई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।लोगों का कहना है कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो स्मार्ट सिटी और स्वच्छता का दावा सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा, जबकि जनता बदबू और गंदगी में जीने को मजबूर है।




