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Tuesday, March 31, 2026
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लोकसभा चुनाव: राजनीतिक दलों की हुई बैठक फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में दी गई जानकारी

लोकसभा चुनाव: राजनीतिक दलों की हुई बैठक

फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के संबंध में दी गई जानकारी

राजनीतिक दलों को बूथवार नियुक्त करना होगा बीएलए

बिलासपुर, 5 जनवरी 2023/लोकसभा चुनाव की तैयारियां अब तेज हो गई है। पारदर्शिता के लिए जिला निर्वाचन कार्यालय द्वारा तैयारियों से राजनीतिक दलों को नियमित तौर पर अवगत कराया जा रहा है। इसी क्रम में उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री शिवकुमार बनर्जी ने 4 जनवरी को राजनीतिक दलों की बैठक ली। उन्होंने फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2024 के संबंध में राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों को विस्तार से जानकारी देते हुए उनसे सहयोग की अपेक्षा की। उन्हें मतदान केंद्रवार एक-एक बीएलए नियुक्त करने भी कहा।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा फोटोयुक्त निर्वाचन नामावलियों का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2024 हेतु जारी कार्यक्रम के अनुसार 6 जनवरी को फोटोयुक्त निर्वाचक नामावलियों का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाएगा। प्रारंभिक प्रकाशन 6 जनवरी से 22 जनवरी तक जिले की सभी 6 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्रवार नियुक्त अभिहित अधिकारियों के द्वारा मतदान केंद्र में बैठकर निर्वाचन नामावली के संबंध में दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएगी। निर्वाचक नामावली में नाम शामिल कराने हेतु फॉर्म 06, विलोपित कराने हेतु फॉर्म 07 एवं संशोधन हेतु फॉर्म 08 जमा करना होगा।
इस पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत ऐसे युवा जिनकी आयु 01 जनवरी 2024 को 18 वर्ष पूर्ण हो जाएगी, वे निर्धारित मतदान केंद्रों पर जाकर फॉर्म 6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। आवेदन करते समय आयु के प्रमाण में सक्षम अधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, वाहन चालन लायसेंस, दसवीं अथवा बारहवीं कक्षा के प्रमाण पत्र जिनमें जन्म तिथि अंकित हो, भारतीय पासपोर्ट अथवा अन्य एक दस्तावेज की प्रति जमा करनी होगी।
निवास के पते के प्रमाण हेतु पानी, बिजली, गैस कनेक्शन (कम से कम एक वर्ष की अवधि का), राष्ट्रीयकृत बैंक, अनुसूचित बैंक या डाकघर की वर्तमान पास बुक, आधार कार्ड या भारतीय पासपोर्ट की प्रति, राजस्व विभाग का भूमि स्वामित्व अभिलेख जिसमें किसान बही भी है, रजिस्ट्रीकृत किराया पट्टा अथवा कोई अन्य प्रमाणित दस्तावेज होना आवश्यक है। बूथ लेबल एजेण्ट द्वारा एक बार में एक दिन में अभिहित अधिकारी के पास अधिकतमक 10 फॉर्म दिये जा सकते है, परंतु पुनरीक्षण अवधि के दौरान उनके द्वारा अधिकतम 30 फार्म/आवेदन निर्धारित प्रपत्र में जमा किये जा सकते है।
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपित कराने अथवा किसी प्रकार के संशोधन के लिए ऑनलाईन सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए वोटर्स हेल्प लाइन एवं voters.eci.gov.in की सहायता से आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित आनलाईन आवेदन कर सकते है। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम 1960 के नियम 16 के अनुसार निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के द्वारा निर्धारित प्रारूप में दावे एवं आपत्तियों की सूची तैयार कर एक प्रति कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की जाएगी। उक्त सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर नागरिकों के अवलोकन हेतु उपलब्ध रहेगी। पुनरीक्षण के दौरान निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा प्रत्येक सप्ताह दावा एवं आपत्तियों की सूची को मान्यताप्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को विधानसभा स्तर पर साझा किया जाएगा। भारत निर्वाचन आयेाग नई दिल्ली के द्वारा जारी निर्देशानुसार विधानसभा निर्वाचन 2023 में निर्धारित मतदान केंद्रों पर ही लोक सभा निर्वाचन 2024 हेतु मतदान संपन्न कराया जाएगा। 6 जनवरी को प्रकाशित की जाने वाले फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली की एक प्रति सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को निःशुल्क उपलब्ध करा दी जाएगी साथ ही बिना फोटो वाली निर्वाचक नामावली की इमेज प्रति (सीडी) भी उपलब्ध कराई जाएगी।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों से अपेक्षा है कि वे आम नागरिकों को प्रेरित करें कि उनके द्वारा निर्वाचक नामावली में नाम सम्मिलित करते हुए फार्म 6, विलोपन हेतु फार्म 07 एवं त्रुटि सुधार, स्थानांतरण, इपिक आदि के लिए फार्म-08 आफलाइन के बजाय आनलाइन या बीएलओ एप के माध्यम से प्रस्तुत करें ताकि लिपिकीय त्रुटि की संभावना न रहे तथा परिशुद्ध निर्वाचक नामावली तैयार की जा सके। पुनरीक्षण के दौरान अवकाश के दिनों में 13 जनवरी एवं 14 जनवरी को सभी मतदान केंद्रों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे। अवकाश के दिनों में नाम शामिल कराने, विलोपित कराने तथा संशोधन हेतु आवेदन प्रस्तुत किये जा सकते है। राजनीतिक दलों से बूथवार बीएलए नियुक्त करने की अपेक्षा की जाती है ताकि पुनरीक्षक कार्य में पारदर्शिता बनी रहे एवं परिशुद्ध निर्वाचक नामावली तैयार की जा सके।

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