
हिंदू मान्यता के अनुसार अगहन मास के गुरुवार को लक्ष्मी और विष्णु की पूजा करने से घर में समृद्धि और खुशहाली आती है। ज्योतिषाचार्य पंडित देव कुमार पाठक के अनुसार सुबह शुभ मुहूर्त में महिलाएं हल्दी और आंवले का उबटन लगाकर स्नान करेंगी और पूजा-अर्चना में भाग लेंगी। इस दौरान घर-आंगन को सुंदर चौक, दीपों और पुष्पों से सजाया जाता है।अगहन मास के हर गुरुवार पूजा जो भोग लगाया जाता उस प्रसाद को घर के बाहर नहीं बांटा जाता, क्योंकि मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।

पूजा के बाद परिवार के सदस्य एक साथ प्रसाद ग्रहण करेंगे। ग्रामीण अंचल में विशेष रूप से नए चावल से बने पकवान, जैसे फरा और पूड़ी, भोग में शामिल होंगे। वहीं शहर के लोग खीर-पूड़ी और अन्य मिठाइयों का भोग लगाया जाएगा। इस साल अखंड गुरुवार के पांच गुरुवार पढ़ रहे हैं लिहाजा पूजा करने वाले महिलाओं को माता का आशीर्वाद एक दिन अधिक मिलेगा लिहाजा गुरुवार को अघन गुरुवार के मौके पर श्रद्धापूर्वक महिलाओं ने इस पूजन कार्य को संपन्न किया।




