
लिंगियाडीह में पिछले आठ महीनों से नगर-निगम की तोड़फोड़ कार्रवाई से परेशान स्थानीय लोगों ने अब खुलकर विरोध शुरू कर दिया है। वार्डवासियों का कहना है कि निगम द्वारा लगातार मकान तोड़े जा रहे हैं और अब पुनः 113 मकानों को चिन्हांकित कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। लोगों का आरोप है कि गरीब परिवारों को हटाकर यहां कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और गार्डन बनाने की योजना बनाई गई है, जिसका वे पूर्णतः विरोध करते हैं।इसी को लेकर सर्वदलीय विकास मंच लिंगियाडीह द्वारा सब्जी मार्केट चौक में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक महाधरना आयोजित किया जा रहा है।इस दौरान ।मंच ने जनप्रतिनिधियों से समर्थन की अपील भी की है।

इसी कड़ी में रविवार को सूर्यवंशी समाज के सदस्य धरना प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे जहां उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन और नगर निगम की इस नीति का विरोध किया और मांग रखी की क्षेत्र को ना उजाला जाए।आंदोलनकारियों ने अपनी कई प्रमुख मांगें भी रखी हैं, जिनमें गरीबों के मकान तोड़ने की कार्रवाई पर तत्काल रोक, 10 रुपये प्रति वर्गफुट की पूर्व निर्धारित राशि के आधार पर पट्टा वितरण, राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत तैयार 505 हितग्राहियों की सूची के अनुसार पट्टा देने की मांग शामिल है। साथ ही वार्डवासियों ने आरोप लगाया कि मार्च 2025 में 150 से अधिक मकान और दुकानें निगम ने तोड़ दी थीं, पर उसी स्थान पर गार्डन या कॉम्प्लेक्स का निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ।लोगों का कहना है कि लिंगियाडीह का मास्टर प्लान आवासीय है और पास के क्षेत्रों में पहले से मौजूद गार्डन व कॉम्प्लेक्स का रख-रखाव तक निगम नहीं कर पा रहा है। ऐसे में गरीबों के घर तोड़कर नए निर्माण की योजना अनुचित है और तुरंत रोकी जानी चाहिए।




