
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है। विश्वविद्यालय में आगामी 4 दिसंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह के लिए तैयारियां तेज़ हैं, लेकिन एनएसयूआई का आरोप है कि समारोह से जुड़े कई काम बिना टेंडर प्रक्रिया के कराए जा रहे हैं। संगठन का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन नियमों को दरकिनार कर मनमानी तरीके से ठेके दे रहा है, जबकि टेंडर प्रक्रिया अनिवार्य है।

इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को भी एनएसयूआई पदाधिकारी विश्वविद्यालय प्रांगण पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि दीक्षांत समारोह में किए जा रहे हर बड़े कार्य का न तो टेंडर जारी किया गया और न ही पारदर्शिता बरती गई। इससे पहले भी संगठन ने कई बार विरोध दर्ज कराया था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

सिर्फ दीक्षांत समारोह ही नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय के अन्य कार्यों में भी भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन शिकायतों को नजरअंदाज कर मनमानी कर रहा है, जो छात्रों और विश्वविद्यालय दोनों के हितों के खिलाफ है।विरोध प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय के कुल सचिव ने संगठन के प्रतिनिधियों से चर्चा की और सभी आरोपों व शिकायतों पर गंभीरता से विचार करते हुए उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। संगठन ने साफ कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




