
बिलासपुर शहर के शासकीय विभागों पर कुल 171 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया हो गया है। इनमें सबसे बड़ा देनदार बिलासपुर नगर निगम है, जिसके ऊपर अकेले 167 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज है। नगर निगम का यह भारी बकाया मुख्य रूप से वाटर सप्लाई, स्ट्रीट लाइट और निगम कार्यालयों में खर्च होने वाली बिजली से जुड़ा है। पूर्ववर्ती भाजपा शासनकाल में वित्तीय वर्ष के अंत में शासन द्वारा इन बिलों का भुगतान कर विभागों को समय पर भुगतान की चेतावनी दी जाती थी, लेकिन हाल के वर्षों में इस दिशा में गंभीरता नहीं बरती गई, जिससे बकाया राशि लगातार बढ़ती चली गई।बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगर निगम सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ा विभाग है, इसलिए उसकी बिजली काटना संभव नहीं है, क्योंकि इससे नागरिकों को भारी असुविधा होगी। इसी वजह से निगम समेत सभी शासकीय विभागों को लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं और बकाया राशि जमा करने के लिए आदेश दिए जा रहे हैं। विभाग ने उच्च अधिकारियों से आगे की कार्रवाई के लिए नए दिशानिर्देश भी मांगे हैं।




