
छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा एक ओर धान खरीदी का कार्य प्रारंभ करवा दिया गया वहीं दूसरी ओर उठाव अब तक शुरू नहीं किया गया है बिलासपुर और मुंगेली जिले में अब तक कहीं भी धान का उठाव नहीं हो पाया है जिसके चलते खरीदी केंद्रों में धान का अंबार लग गया है इसके साथ धान खरीदी का लिमिट काफी कम है जिसके कारण बहुत कम किसान ही अपना धान बेच पा रहे हैं क्षेत्र के किसानों ने शासन से धान खरीदी का लिमिट बढ़ाने का आग्रह किया है धान का उठाव नहीं होने के कारण खरीदी समितियों मे सुखत को लेकर चर्चा होने लगी है उन्हें डर है कि उठाव नहीं होने के कारण धान के फसल में सुखत आ रहा है इसका खामियाजा खरीदी केंद्र को भुगतना पड़ सकता है।छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा हर बार कहा जाता है कि खरीदी केन्द्रों से धान का उठाव 72 घंटे में कर लिया जाएगा पर हर बार धान उठाव की समस्या यथावत बने रहती है यहां तक की देखा गया है कि धान खरीदी केन्द्रों में धान का उठाव नहीं हो पाता है समितियां को जीरो साल्तेज दिलाने का दबाव बनाया जाता है जिससे खरीदी केंद्र को अच्छा खासा नुकसान होता है शासन को चाहिए कि धान खरीदी का लिमिट बढाये इसके साथ-साथ धान का उठाव भी सुव्यवस्थित तरीके से करें ताकि आने वाले समय में किसी को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।




