
बिलासपुर। शहर में आवारा सांडों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। लगभग हर क्षेत्र, गली और मोहल्ले में सांडों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं, जिससे राहगीरों में दहशत का माहौल है। ऐसा ही एक मामला तोरवा क्षेत्र के बोल बम चौक से सामने आया है, जहां दो सांड आपस में भिड़ते हुए लोगों पर हमला करने की कोशिश करते दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सांडों की लड़ाई कई दिनों से जारी है और सोशल मीडिया में इनका वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने से साफ नजर आता है कि ये सांड आमजन के लिए कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।

कई राहगीर इनके हमलों से बाल-बाल बचे, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर निगम इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उनका कहना है कि निगम सिर्फ दूध देने वाली गायों को पकड़ने में व्यस्त है, जबकि खतरनाक सांडों को पकड़ने के लिए कोई गंभीर अभियान नहीं चलाया जा रहा। लोगों का सवाल है कि आखिर कब तक आमजन इन सांडों के आतंक का सामना करेंगे। गौ सेवकों ने भी नगर निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि गऊठान योजना का सही क्रियान्वयन नहीं हो रहा।

गौ सेवक गोपाल कृष्ण रामानुज ने आरोप लगाया कि गऊठान सेवा की पूरी व्यवस्था चरमरा चुकी है। यदि सांडों को उचित रूप से गऊठानों तक भेजा जाए,तो शहर की यह समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है।स्थानीय लोगों और गौ सेवकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि क्या नगर निगम तब जागेगा, जब सांड किसी को गंभीर नुकसान पहुंचा देंगे? नागरिकों ने मांग की है कि निगम तुरंत अभियान चलाकर सांडों को पकड़े और शहर में सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करे।




