
जांजगीर-चांपा जिले में एक अत्यंत संवेदनशील प्रकरण सामने आया है। चांपा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर नवजात बालिका मिलने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग तुरंत हरकत में आया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी अनीता अग्रवाल के मार्गदर्शन में संबंधित विभागों ने संयुक्त रूप से त्वरित कार्रवाई की।

मामले की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस एवं चाइल्डलाइन की टीम मौके पर पहुंची और नवजात बालिका, जिसकी उम्र लगभग 10 से 15 दिन बताई जा रही है, को गंभीर स्थिति देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल जांजगीर में भर्ती कराया। चिकित्सकों की प्राथमिक जांच में बच्ची को सुरक्षित पाया गया, जिसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामले को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार नवजात शिशु को विशेषीकृत दत्तक ग्रहण संस्था—कोरबा—में सुरक्षित संरक्षण हेतु भेजा गया है। वर्तमान समय में बच्ची पूर्णत: सुरक्षित है तथा उसकी सेहत स्थिर बताई जा रही है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल के नेतृत्व में आगे की आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्यवाही जारी है।यह घटना जहां समाज में मानवता और सतर्कता की आवश्यकता का संदेश देती है, वहीं जिले की त्वरित कार्रवाई यह साबित करती है कि प्रशासन ऐसे मामलों को पूरी संवेदनशीलता के साथ संभाल रहा है।




