
पेयजल स्तर मे लगातार गिरावट आने के कारण भूमिगत जलस्तर तेजी से प्रदूषित होता जा रहा है वाहन से निकलने वाला कार्बन मोनो ऑक्साइड और खेतों मे रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों से मिट्टी भी जहरीली हो रही है। इसका सीधा असर भूमिगत जलश्रोत पर पड़ रहा है।शहर के पानी मे कठोरता आने लगा है।मिट्टी में रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का खेतों में उपयोग होने से इसका दुष्प्रभाव भी पेयजल स्रोतों को प्रदूषित कर रहा है। जिसके कारण पीने के पानी में हार्डनेस बढ़ता ही जा रहा है। नगर निगम के प्रयोगशाला में रोजाना जोन कार्यालयो से आने वाले पानी के नमूनों की जांच में यह तथ्य सामने आया है। भूमिगत जल स्रोतों के अंधाधुंध दुरुपयोग किए जाने से यह स्थिति बनी है। घरों में पीने के पानी रखे जाने वाले बर्तनों में सतह पर सफेद रंग भी दिखाई देने लगता है। बर्तनों पर भी पानी के निशान उभरने लगे हैं। पीने के लिए उबालकर या छानना ही इसका एकमात्र विकल्प बचा है।




