
राजधानी रायपुर में चाकूबाजी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। सुंदर नगर इलाके के पहाड़ी तालाब में हुई गैंगवार की घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है। नशे की हालत में युवाओं के दो गुटों के बीच हुई इस हिंसक झड़प से इलाके में दहशत का माहौल बन गया और आम लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करीब एक घंटे तक युवक हाथों में चाकू लेकर खुलेआम आतंक मचाते रहे। इस दौरान डंडे, बेल्ट और पत्थरों का भी जमकर इस्तेमाल किया गया। चाकूबाजी और मारपीट के चलते इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोग अपने घरों में दुबकने को मजबूर हो गए, वहीं महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा भयभीत नजर आए।घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस के देर से पहुंचने को लेकर नाराजगी सामने आई है। स्थानीय महिला पार्षद सरिता दूबे ने आरोप लगाया है कि डायल 112 और पेट्रोलिंग टीम करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची। घटना के बाद भी हालात सामान्य नहीं हैं। मौके पर खून के धब्बे, चाकू, पत्थर, बेल्ट और युवाओं का सामान बिखरा पड़ा मिला, जो प्रशासन की सुस्ती की ओर इशारा करता है।

इस हिंसक घटना के बाद लोग सार्वजनिक स्थलों पर जाने से कतराने लगे हैं। पार्षद का कहना है कि नशेड़ी युवाओं के आतंक के चलते पहाड़ी तालाब गार्डन, आम बगीचा गार्डन और रावण मैदान जैसे स्थान सुनसान हो गए हैं। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आ चुका है। अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई कर राजधानी को चाकूबाजी के डर से मुक्त कराया जाए।




