
लिंगियाडीह में रोड निर्माण की आड़ में तोड़फोड़ के विरोध में चल रहा “लिंगियाडीह बचाओ आंदोलन” 29वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में शामिल महिलाओं ने भजन–कीर्तन गाते हुए सांकेतिक धरना दिया और ऐलान किया कि जब तक सांस है तब तक संघर्ष जारी रहेगा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार किस्तों में मकान–दुकान तोड़ने की साजिश रच रही है और जानबूझकर लिंगियाडीह को ही टारगेट किया जा रहा है, जबकि चिंगराजपारा, चांटीडीह, बहतराई, खमतराई और मोपका जैसे क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की तैयारी है।आंदोलन में विभिन्न समाजों के प्रबुद्धजन, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने समर्थन दिया। वक्ताओं ने कहा कि नौ माह पहले गरीबों के मकान–दुकान तोड़े गए, जो अन्याय है। गौ सेवकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं ने एकजुट होकर इसे बड़ा जन आंदोलन बनाने की बात कही। महाधरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, स्थानीय नागरिक और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें दुर्गा नगर सहित आसपास के क्षेत्रों की महिलाएं प्रमुख रूप से शामिल रहीं।




