
क्रिसमस पर्व से पूर्व रविवार को शहर के सभी चर्चों में मसीही समाज की ओर से विशेष आराधना आयोजित की गई। इसी क्रम में सिविल लाइन स्थित 135 वर्ष पुराने डिसाइपल्स ऑफ क्राइस्ट चर्च में प्रभु यीशु मसीह के जन्म की खुशी में विशेष प्रार्थना सभा हुई। श्रद्धालुओं ने प्रभु का धन्यवाद करते हुए एक-दूसरे को गले लगाकर मैरी क्रिसमस और हैप्पी क्रिसमस की शुभकामनाएं दीं, जिससे चर्च परिसर भक्ति और उल्लास से गूंज उठा।

आराधना के दौरान पास्टर ने प्रभु यीशु के जन्म से जुड़ा संदेश देते हुए कहा कि आकाश में दिखाई देने वाला तारा प्रभु यीशु का प्रतीक था, जिसने ज्योतिषियों को यह संकेत दिया कि संसार का उद्धारकर्ता जन्म लेने वाला है। उसी तारे की रोशनी परमेश्वर के संदेश को संसार तक पहुंचाने का माध्यम बनी। दूतों ने यह शुभ समाचार चरवाहों को दिया और उन्होंने इसे अपनी आत्मिक जिम्मेदारी समझते हुए सब तक पहुंचाया, जिससे परमेश्वर की शांति की शुरुआत हुई।पास्टर ने कहा कि क्रिसमस केवल उत्सव नहीं, बल्कि परमेश्वर की महान योजना का प्रतीक है।

जब मनुष्य पाप और सांसारिकता में भटक गया और परमेश्वर से दूर हो गया, तब परमेश्वर ने अपने पुत्र यीशु मसीह को संसार में भेजा। प्रभु यीशु ने अपने प्राण देकर पापियों के लिए क्षमा और उद्धार का मार्ग खोला, ताकि मनुष्य फिर से परमेश्वर के साथ संगति प्राप्त कर सके।उन्होंने कहा कि इस वर्ष चर्च में क्रिसमस को आत्मिक रूप से मनाने का संकल्प लिया गया है। बाहरी सजावट के साथ-साथ अपने भीतर की बुराइयों और गलत आदतों को त्याग कर स्वयं को शुद्ध करने का संदेश दिया गया। अंत में पास्टर ने सिविल लाइन, बिलासपुर की ओर से सभी को क्रिसमस की शुभकामनाएं देते हुए प्रभु की अपार आशीष की कामना की।




