32.6 C
Bilāspur
Thursday, April 2, 2026
spot_img

रेत खदान के खिलाफ जनजातीय गांव का विद्रोह गांव की जमीन,गांव की आवाज-रेत पर रोक की मांग

बिलासपुर जिले के ग्राम ठोढ़ीनार, पंचायत टाटीधार में प्रस्तावित रेत उत्खनन और रेत भंडारण को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़कों से निकलकर प्रशासन के दरवाज़े तक पहुंच गया है। सैकड़ों ग्रामीण आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और हाथों में आवेदन लेकर एक सुर में इस फैसले को तत्काल रद्द करने की मांग की। गांव में इस फैसले को लेकर डर, तनाव और आक्रोश चरम पर है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र की राजस्व भूमि को रेत भंडारण के लिए लीज पर दे दिया गया, लेकिन इस अहम फैसले से पहले ग्राम सभा की राय तक नहीं ली गई। ग्रामीणों का कहना है कि रेत भंडारण के नाम पर कुछ लोग खुलेआम दबाव बना रहे हैं और विरोध करने पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी दी जा रही है। इससे गांव में भय का माहौल है और लोग खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।सबसे गंभीर बात यह है कि ग्राम ठोढ़ीनार एक विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज का बहुल इलाका है। यहां बैगा, मैना, गोंड, यादव और अन्य समुदाय वर्षों से शांति से रहते आए हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि रेत उत्खनन और भंडारण से उनका जीवन, पर्यावरण और भविष्य तीनों खतरे में पड़ जाएगा, और वे किसी भी हाल में इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।ग्रामीणों ने नियमों की खुली धज्जियां उड़ाने का आरोप भी लगाया है। रेत भंडारण स्थल सड़क से सटा हुआ है, जबकि नियमों के अनुसार यह कम से कम 500 मीटर दूर होना चाहिए। स्कूल, अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र के पास रेत भंडारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की जान से खिलवाड़ है।ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जमीन विवादित है और वास्तविक भूमि स्वामी की सहमति के बिना कब्जे की कोशिश हो रही है। अब सवाल बड़ा और गंभीर है।क्या प्रशासन इस मजबूत जनआवाज़ को सुनेगा? क्या गरीब और जनजातीय परिवारों को न्याय मिलेगा ये कुछ सवाल हे जिन पर जवान प्रशासन को देना होगा।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

132,000FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles