
प्रदेश में लगातार सामने आ रहे धर्मांतरण के मामलों को लेकर माहौल गरमाता जा रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा इन्हीं मामलों के विरोध में प्रदेश बंद का आह्वान किया गया, जिसे छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स सहित विभिन्न सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। बंद का असर सुबह से ही प्रदेश के कई जिलों में देखने को मिला।वीओ: बिलासपुर संभाग में इस बंद का सबसे अधिक असर शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र व्यापार विहार में नजर आया। यहां अधिकांश दुकानें, प्रतिष्ठान और कार्यालय बंद रहे। सुबह से ही बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जिससे आम दिनों की तुलना में आवागमन भी कम नजर आया।व्यापारी संघ ने बताया कि छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स के आह्वान पर व्यापार विहार के समस्त व्यापारियों ने दोपहर 3:00 बजे तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने का निर्णय लिया है। व्यापारियों का कहना है कि यह बंद किसी व्यक्ति या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि समाज में बढ़ रही गंभीर समस्याओं के प्रति प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराने के लिए है।

व्यापारी संगठनों का कहना है कि प्रदेश में लगातार धर्मांतरण से जुड़े मामलों के सामने आने से समाज में असंतोष और चिंता का माहौल बना हुआ है। इसी को लेकर सर्वधर्म समाज ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराने और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।दोपहर 3:00 बजे के बाद व्यापार विहार सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों से सर्वधर्म समाज के लोग एकत्र होकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचेंगे। यहां वे प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर लगातार बढ़ रहे धर्मांतरण के मामलों पर सख्त रोक लगाने की मांग करेंगे। इस दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और व्यावसायिक संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इस आंदोलन को जिले की कई संस्थाओं और संगठनों का समर्थन मिल रहा है। व्यावसायिक संगठनों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाएं भी बंद में सहभागी बनी हुई हैं। आयोजनकर्ताओं का कहना है कि यह एक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और सर्वधर्म एकता का संदेश देने वाला आंदोलन है, जिसका उद्देश्य समाज में सौहार्द और संतुलन बनाए रखना है।




