
छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान मानी जाने वाली कल्प कुंभ नगरी राजिम को नए साल से पहले बड़ी सौगात मिली है। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने राजिम नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद का दर्जा प्रदान करते हुए इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस निर्णय के बाद राजिम अब नगर पंचायत नहीं, बल्कि नगर पालिका परिषद के रूप में जानी जाएगी। वर्तमान में नगर पंचायत राजिम का जो सीमा क्षेत्र है, वही क्षेत्र नगर पालिका परिषद राजिम की सीमा के रूप में मान्य रहेगा। सीमा विस्तार को लेकर फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। नगर पालिका का दर्जा मिलने से राजिम के समग्र विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।राजिम धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नगरी है, जहां हर वर्ष माघी पुन्नी मेला और कल्प कुंभ का आयोजन होता है। लाखों श्रद्धालु यहां त्रिवेणी संगम में स्नान के लिए पहुंचते हैं। नगर पालिका बनने से अब नगर क्षेत्र में सड़क, नाली, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं के विकास के लिए अधिक बजट और संसाधन उपलब्ध होंगे।स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और शहर के विकास कार्यों में तेजी आएगी। लंबे समय से राजिम को नगर पालिका बनाए जाने की मांग उठ रही थी, जो अब पूरी हो गई है। नए साल की शुरुआत से पहले मिली इस सौगात से राजिमवासियों में उत्साह का माहौल है।




