
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का आज से तीन दिवसीय काम कलम बंद हड़ताल शुरू हो गया है। बिलासपुर में भी फेडरेशन से जुड़े अधिकारी कर्मचारी हड़ताल पर हैं और 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। फेडरेशन के पदाधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से प्रदेश के अधिकारी कर्मचारी अपनी वाजिब मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने चुनाव से पहले मोदी की गारंटी के तहत वायदा किया था कि अधिकारी कर्मचारी हित की मांगे पूरी की जाएंगी। लेकिन आज दो वर्षों बाद भी गारंटी पूरी नहीं की गई है। पदाधिकारियों ने मांग की कि, मोदी की गारंटी अनुसार प्रदेश के कर्मचारियों एवं पेंशनरों को केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) दिया जाए।

प्रदेश में अन्य भाजपा शासित राज्यों की तरह प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए। प्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति निःशर्त लागू करने स्थायी आदेश जारी जारी किया जाये। वर्तमान में 10 प्रतिशत सीलिंग समाप्त करते हुए सीधी भर्ती के समस्त पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। मध्यप्रदेश की तरह प्रदेश में अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए। साथ ही प्रदशे के पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाये। प्रदेश के विभिन्न विभागों में सेटअप पुनरीक्षित नहीं होने के कारण अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जावे व प्रदेश में कार्यरत कार्यभारित, दैनिक वेतन भोगी, अनियमित, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करते हुए नियमित पदस्थापना में नियुक्त किया जाये। फेडरेशन ने मांगों के साथ आगे उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।




