
बिलासपुर संभाग से शिक्षा विभाग को लेकर बड़ी और सख्त कार्रवाई की खबर सामने आई है। युक्तियुक्तकरण के बाद स्कूलों में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले 100 से अधिक शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है, जिससे शिक्षा महकमे में हड़कंप मच गया है।शिक्षा विभाग ने ऐसे सभी शिक्षकों के खिलाफ आरोप पत्र जारी करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इन शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण के तहत जिन स्कूलों में पदस्थ किया गया था, वहां उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। कुछ शिक्षकों ने जिला व संभाग स्तरीय समितियों के समक्ष अभ्यावेदन प्रस्तुत किए थे, जिन्हें अमान्य कर दिया गया।इसके बावजूद स्कूलों में उपस्थित नहीं होना शासन के आदेशों की खुली अवहेलना माना गया है, जिसे गंभीर कदाचरण की श्रेणी में रखा गया है। जांच प्रक्रिया के तहत जिला शिक्षा अधिकारी को जांच अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया गया है।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि 200 से अधिक शिक्षक पढ़ाने के बजाय अन्य विभागों में अटैच होकर काम कर रहे थे, जिनमें सांसद और विधायकों के पीए के रूप में कार्यरत शिक्षक भी शामिल हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने सभी अटैचमेंट तत्काल समाप्त करने के आदेश दिए हैं। नए मुख्य सचिव विकास शील के निर्देश पर की गई यह कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और सुशासन की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।




