
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से खरीद, कोदो-कुटकी-रागी सहित लघु वनोपज के लिए कार्यशील पूंजी और 30 करोड़ रुपये का ब्याजमुक्त ऋण जैसे फैसले सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे।उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम से जुड़े पुराने ऋणों की पूरी अदायगी से राज्य शासन पर पड़ने वाला ब्याज भार खत्म होगा और करोड़ों रुपये की गारंटी देनदारी से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने इसे वित्तीय अनुशासन की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे भविष्य में अनावश्यक व्यय रुकेगा और विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे।औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन, ऑटो एक्सपो के दौरान वाहनों पर 50 प्रतिशत लाइफ टाइम रोड टैक्स छूट, राइस मिलरों को राहत और रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने के फैसलों पर भी अरुण साव ने सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये निर्णय निवेश, रोजगार और बेहतर कानून-व्यवस्था को बढ़ावा देंगे तथा छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को नई गति देंगे।




