
नववर्ष की दहलीज़ पर बिलासपुर पुलिस ने भरोसे और संवेदनशीलता की एक मिसाल पेश की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर चलाए गए चेतना अभियान के तहत गुम हो चुके मोबाइल फोन उनके असली मालिकों तक वापस पहुंचे, तो कई चेहरों पर लंबे समय बाद मुस्कान लौट आई।एसीसीयू और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त टीम ने कड़ी मेहनत और तकनीकी दक्षता के साथ करीब 100 मोबाइल फोन बरामद किए।छत्तीसगढ़ के अलावा मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र तक फैले प्रयासों से लगभग 20 लाख रुपये कीमत के मोबाइल खोजकर 31 दिसंबर को संबंधित लोगों को सौंपे गए।मोबाइल लौटने के साथ सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि यादें, तस्वीरें, जरूरी संपर्क और मेहनत की कमाई भी लोगों को वापस मिली।

कई ऐसे लोग, जिन्होंने मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, जब उन्हें उनका फोन सौंपा गया तो भावुक हो उठे और बिलासपुर पुलिस का धन्यवाद करते नहीं थके।आपकी एक आस, आपकी अमानत, आपके पास के संदेश को साकार करती इस पहल ने पुलिस और जनता के बीच विश्वास की डोर को और मजबूत किया। नववर्ष से पहले मिली यह खुशी लोगों के लिए किसी उपहार से कम नहीं रही, वहीं बिलासपुर पुलिस की यह मुहिम संवेदनशील पुलिसिंग का जीवंत उदाहरण बन गई।




