
नव वर्ष 2026 के पहले दिन लोगों ने शुभ शुरुआत के उद्देश्य से मंदिरों का रुख किया। वहीं वर्ष के पहले दिन को खास और यादगार बनाने के लिए क्षेत्र के पर्यटन केंद्रों में भी भारी भीड़ देखने को मिली। मान्यता है कि साल का पहला दिन जैसा बीतता है, पूरा वर्ष वैसा ही गुजरता है। इसी सोच के साथ लोगों ने नए साल की शुरुआत पूजा-पाठ और देवी दर्शन से की, जबकि दिनभर परिवार और दोस्तों के साथ पर्यटन स्थलों पर सैर-सपाटे और पिकनिक का आनंद लिया।नव वर्ष के पहले दिन क्षेत्र के सबसे बड़े आस्था केंद्र रतनपुर महामाया मंदिर में हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। महामाया मंदिर के साथ-साथ रतनपुर के अन्य मंदिरों में भी सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।

पुराने साल की विदाई और नए साल के स्वागत पर रतनपुर और आसपास के 20 से 25 किलोमीटर क्षेत्र से लोग यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने महामाया मंदिर में मत्था टेककर नए वर्ष की शुरुआत की और इसके बाद खुटाघाट, राम टेकरी, लखनी देवी, भैरव बाबा सहित अन्य स्थलों की ओर रुख किया। इस दौरान रतनपुर में मेला जैसा माहौल नजर आया।महामाया ट्रस्ट प्रबंधन द्वारा भीड़ को देखते हुए पहले से व्यवस्थाएं की गई थीं, लेकिन अत्यधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पार्किंग और दर्शन व्यवस्था में अव्यवस्था भी दिखाई दी।

इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया और आने वाले वर्ष के मंगलमय होने की कामना की। एक ओर जहां मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ा, वहीं दूसरी ओर महामाया गार्डन, भैरव गार्डन और खुटाघाट जलाशय जैसे पर्यटन केंद्रों में पांव रखने की जगह नहीं रही। खासकर खुटाघाट जलाशय में पर्यटकों की सबसे अधिक भीड़ नजर आई, जहां लोगों ने नव वर्ष के पहले दिन को उत्सवपूर्ण माहौल में मनाया।रतनपुर से वासित अली की रिपोर्ट




