
वर्ष 2025 बिलासपुर पुलिस के लिए उपलब्धियों भरा रहा। गंभीर अपराधों के मामलों में बीते वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। वर्ष 2024 के मुकाबले 2025 में हत्या के प्रयास में 25 प्रतिशत, लूट में 42 प्रतिशत, नकबजनी में 10 प्रतिशत और चोरी में 5 प्रतिशत की गिरावट आई। महिला सुरक्षा के क्षेत्र में भी पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जहां बलात्कार के मामलों में 13 प्रतिशत और शीलभंग के मामलों में 11 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। साथ ही आदतन अपराधियों पर कार्रवाई करते हुए 22 निगरानी बदमाश और 97 गुंडा बदमाश फाइलें खोली गईं।नशे के सौदागरों और संगठित अपराध पर पुलिस ने कड़ा प्रहार किया।सफेमा के तहत कार्रवाई करते हुए 9 मामलों में 19 आरोपियों की करीब 7.40 करोड़ रुपये की संपत्ति जप्त व फ्रीज कराई गई।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों में भले ही संख्या घटी हो, लेकिन मादक पदार्थों की बड़ी खेप बरामद की गई, जिसमें 284 किलो गांजा और वाहन जप्त करना शामिल है। संगठित अपराध के खिलाफ वर्ष 2025 में कुल 48 प्रकरण दर्ज किए गए।महिला सुरक्षा और गुमशुदा लोगों की तलाश में बिलासपुर पुलिस प्रदेश में अग्रणी रही। ‘ऑपरेशन तलाश’ के तहत 1056 गुमशुदा वयस्कों को खोजकर राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया गया, जबकि ऑपरेशन मुस्कान के तहत 192 बच्चों की दस्तयाबी कर दूसरा स्थान हासिल हुआ।

चेतना जागरूकता अभियान के सकारात्मक असर से पॉक्सो एक्ट के मामलों में भी कमी आई और यह संख्या 2024 के 189 से घटकर 2025 में 132 रह गई।यातायात और संपत्ति अपराधों के मोर्चे पर भी पुलिस का प्रदर्शन सराहनीय रहा। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर 81,751 चालानी कार्रवाइयों के जरिए 5.84 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया, वहीं सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में 17 प्रतिशत की कमी आई। एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि अपराध नियंत्रण एक सतत प्रक्रिया है और यह सफलता पुलिस बल की मेहनत, बेहतर संसाधनों, साइबर थाना व साइबर सेल की मजबूती तथा विभागीय समन्वय का परिणाम है, जिससे बिलासपुर को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।




