
नए साल की शुरुआत के साथ रेलवे ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय पहल की है। बिलासपुर से नागपुर के बीच चलने वाली प्रीमियम वंदे भारत एक्सप्रेस में पहली बार महिला टिकट चेकिंग स्टाफ की तैनाती की गई है। यह कदम यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी दर्शाता है।1 जनवरी से निशा, प्रियंका और प्रीति ने वंदे भारत एक्सप्रेस में बतौर महिला टिकट चेकिंग स्टाफ अपनी ड्यूटी संभाली है। ये तीनों महिला कर्मचारी ट्रेन में टिकट जांच और यात्रियों को सहयोग देने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। शुरुआती चरण में सुरक्षा और संचालन को ध्यान में रखते हुए इनके साथ पुरुष स्टाफ भी तैनात किया गया है।रेलवे द्वारा महिला कर्मचारियों को पुरुषों के समान विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे हर स्तर पर दक्षता के साथ कार्य कर सकें। बिलासपुर रेल मंडल के सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल एसईसीआर के नवाचार और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। आने वाले समय में और महिला स्टाफ को भी वंदे भारत ट्रेनों में शामिल किया जाएगा।अधिकारियों ने यह भी बताया कि भविष्य में वंदे भारत की एक प्रीमियम ट्रेन को पूरी तरह महिला स्टाफ द्वारा संचालित करने की योजना है। फिलहाल महिला कर्मचारियों को चार माह तक अनुभवी स्टाफ के साथ कार्य कराकर मार्ग, संगठन और जिम्मेदारियों की पूरी जानकारी दी जा रही है। यह पहल रेलवे के बदलते, सशक्त और समावेशी स्वरूप को मजबूती से सामने रखती है।




