
मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन मे कलेक्टर कार्यालय में कलेक्टर की अनुपस्थिति के साथ ही अधिकांश विभागीय अधिकारी भी मौजूद नहीं रहे। जनदर्शन में दूर-दराज से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे नागरिकों को तय व्यवस्था के अनुरूप अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी जिससे उन्हें निराशा का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के न होने के कारण जनदर्शन की जिम्मेदारी संयुक्त कलेक्टर को संभालनी पड़ी उन्होंने जनदर्शन में उपस्थित लोगों की समस्याएं सुनीं और उनसे आवेदन प्राप्त किए।

हालांकि संबंधित विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं होने से कई मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं हो सका। जनदर्शन में पहुंचे नागरिकों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के निराकरण की उम्मीद में जनदर्शन में आए थे लेकिन संबंधित विभागीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी के कारण उनकी बात सीधे जिम्मेदार अधिकारियों तक नहीं पहुंच सकी। इससे लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी झेलनी पड़ी। कुछ लोग आवेदन देकर वापस लौटे तो कई नागरिक निराश होकर बिना समाधान के ही लौटने को मजबूर हुए। नागरिकों का कहना है कि यदि जनदर्शन तय समय और पूर्ण प्रशासनिक उपस्थिति के साथ आयोजित हो तो आम जनता की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।




