
बिलासपुर जिले में दूषित पेयजल आपूर्ति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है जिससे लोगों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है। इस समस्या के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस पार्षद और नेता प्रतिपक्ष कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और कलेक्टर संजय अग्रवाल को स्थिति से अवगत कराया।

जनप्रतिनिधियों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में ही यदि शहरवासी इस तरह पानी की समस्या से जूझ रहे हैं तो आने वाले गर्मी के दिनों में हालात कितने भयावह होंगे। इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। उनका कहना है कि शहर के लगभग हर क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है और लोग मजबूरी में दूषित पानी पीने को विवश हैं। दूषित पानी के सेवन से बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की सेहत पर इसका सीधा असर पड़ रहा है लेकिन इसके बावजूद जल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है जनप्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन और जल स्रोतों की समय पर जांच और रखरखाव नहीं हो रहा है। कांग्रेस पार्षदों और नेता प्रतिपक्ष ने प्रशासन से मांग की है कि जल आपूर्ति लाइनों की तकनीकी जांच कराई जाए और शहर में उत्पन्न पेयजल संकट को दूर करने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएं। फिलहाल दूषित पानी की समस्या प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।




