
शहर को अतिक्रमण मुक्त कर विकास की नई राह पर आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई शुरू की है। इसी कड़ी में गुरुवार को सरकंडा नूतन चौक से इमलीपारा को जोड़ने वाली सड़क पर वर्षों से बने अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की गई। नगर निगम की इस कार्रवाई में कुल 87 मकानों को तोड़ा जा रहा है, वहीं प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की भी पूरी व्यवस्था की गई है। नगर निगम की टीम गुरुवार सुबह जैसे ही सरकंडा नूतन चौक से इमलीपारा मार्ग पर पहुंची, शुरुआती समय में हल्का हंगामा जरूर हुआ, लेकिन बाद में लोगों ने स्वेच्छा से अपने मकान खाली करना शुरू कर दिया। इसके बाद निगम ने तोड़फोड़ अभियान शुरू किया।इस कार्रवाई के लिए नगर निगम ने 6 एक्सकैवेटर लगाए, वहीं लोगों के घरेलू सामान को सुरक्षित शिफ्ट करने के लिए 5 से 6 काऊ कैचर भी तैनात किए गए थे।नगर निगम ने जानकारी दी कि प्रभावित सभी 87 परिवारों को इमलीपारा स्थित अटल आवास में आवंटन कर दिया गया है,

जहां अब ये परिवार निवास करेंगे। अतिक्रमण हटने के बाद इस मार्ग को चौड़ा किया जाएगा, जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। साथ ही भविष्य में इस खाली जमीन पर उद्यान या कमर्शियल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना है। नगर निगम का मानना है कि चूंकि यह इलाका शहर से सटा हुआ है, इसलिए यहां व्यापार के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। नगर निगम का दावा है कि एक से दो दिनों में पूरी कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी और इसके बाद प्रस्तावित परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। हालांकि स्टोर फोन में एक अच्छी बात या रही कि इसमें किसी भी जनप्रतिनिधि ने हस्तक्षेप नहीं किया और तोड़फोड़ का समर्थन किया क्योंकि क्षेत्र में विकास को लेकर हर कोई प्रतिबद्ध है और इसमें सभी सहयोग चाहते हैं हालांकि अतिक्रमण हटाओ अभियान में किसी तरह का कोई व्यवधान उत्पन्न ना हो इसके लिए पुलिस प्रशासन की भी पुख्ता इंतजाम यहां किए गए थे।




