
बिलासपुर। केंद्र सरकार की नई जी-राम-जी योजना को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने बिलासपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को विकसित भारत–2047 की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। जी-राम-जी योजना का उद्देश्य मनरेगा की कमियों को दूर करते हुए मजदूरों के पसीने को देश के विकास कार्यों से जोड़ना है जिससे गांवों की तस्वीर बदलेगी केंद्रीय मंत्री तोखन साहू ने बताया कि इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों का रोजगार मिलता था अब उसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण मजदूरों को अधिक काम मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीब और श्रमिक वर्ग के लिए नई ताकत बनकर उभरेगी। तोखन साहू ने जानकारी दी कि खेती-किसानी के मौसम को ध्यान में रखते हुए योजना में लचीलापन रखा गया है। कृषि कार्यों के चरम समय में 60 दिनों के लिए योजना को अस्थायी रूप से रोका जा सकेगा और इसके बाद पुनः चालू किया जाएगा ताकि किसान और मजदूर दोनों को संतुलित लाभ मिल सके। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




