
जांजगीर-चांपा जिले की जैजैपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू को पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया है। विधायक पर जिला सहकारी समिति के प्रबंधक रहने के दौरान पद का दुरुपयोग करने और वित्तीय अनियमितता बरतने का गंभीर आरोप लगा है।गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें 22 जनवरी तक के लिए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।यह पूरा मामला किसान क्रेडिट कार्ड लोन में धोखाधड़ी से जुड़ा है। आरोप है कि जब बालेश्वर साहू बम्हनीडीह सहकारी बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत थे, तब उन्होंने राजकुमार शर्मा नामक एक किसान को लोन दिलाने के नाम पर उनके दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी हस्ताक्षर और ब्लैंक चेक के माध्यम से किसान के नाम पर स्वीकृत करीब 42.78 लाख रुपये की राशि अपने और अपनी पत्नी के निजी खातों में ट्रांसफर कर ली थी।इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित किसान ने अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को विधायक के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले, जिसके आधार पर हसौद पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी,अमानत में खयानत और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। लंबे समय से चल रही जांच के बाद पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसमें उनके एक सहयोगी गौतम राठौर को भी आरोपी बनाया गया है।कांग्रेस विधायक की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। जहाँ सत्तापक्ष इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश बता रहा है, वहीं विपक्षी खेमे में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल, कोर्ट द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद विधायक बालेश्वर साहू को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया गया है और पुलिस इस घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।




