
15 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं लेकिन शिक्षा विभाग के दावों और जमीनी हकीकत में फर्क साफ नजर आ रहा है। विभाग जहां पूरी तैयारी का दावा कर रहा है, वहीं कई स्कूलों की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे ने बताया कि जिले के सभी शासकीय और निजी स्कूलों में 10वीं और 12वीं कक्षाओं का पाठ्यक्रम 10 दिसंबर तक पूरा करा लिया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का लगातार रिवीजन कराया जा रहा है, ताकि वे बोर्ड परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। इसी उद्देश्य से 15 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे छात्रों को वास्तविक परीक्षा का अनुभव मिल सके। हालांकि, जमीनी स्तर पर हालात अलग नजर आ रहे हैं। कई विद्यालयों में अब तक पाठ्यक्रम पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है और कुछ जगहों पर अभी भी नियमित पढ़ाई जारी है। ऐसे में प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले अधूरे सिलेबस ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। अब सवाल यह उठ रहा है कि अधूरा पाठ्यक्रम छात्रों के बोर्ड परीक्षा परिणाम को किस हद तक प्रभावित करेगा। प्रशासन के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर आने वाले दिनों में और स्पष्ट होगा। फिलहाल सभी की निगाहें आगामी बोर्ड परीक्षाओं पर टिकी हुई हैं।




