
मकर संक्रांति का पर्व भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार इस दिन स्नान, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों का विशेष फल माना जाता है। मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसके साथ ही मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाती है। इसी कारण यह पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्सव के साथ पूरे देश में मनाया जाता है।इसी कड़ी में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर टिकरापारा में महालक्ष्मी हवन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। पहली बार आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में दो दिवसीय कार्यक्रम के तहत 1 करोड़ 35 लाख आहुतियां देने का लक्ष्य रखा गया था। कार्यक्रम में लगभग 150 श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इस पुण्य कार्य को पूर्ण किया। हवन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण से पूरा क्षेत्र भक्तिमय बना रहा।आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी सहभागिता और आस्था को देखते हुए आयोजकों ने भविष्य में भी मकर संक्रांति के पावन अवसर पर इसी तरह महालक्ष्मी हवन कार्यक्रम आयोजित करने का संकल्प लिया है। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण होता है।




