
बिलासपुर संभाग में धान बिक्री को लेकर किसान गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। टोकन जारी न होने और खरीदी केंद्रों की सीमित क्षमता के चलते बड़ी संख्या में किसान अब तक अपना धान नहीं बेच पाए हैं। स्थिति यह है कि धान खरीदी के लिए केवल दो सप्ताह का समय शेष है जबकि सहकारी बैंक के अंतर्गत आने वाले छह जिलों में अब तक लगभग 70 प्रतिशत ही धान की खरीदी हो सकी है, जिससे करीब 30 प्रतिशत किसान अभी भी वंचित हैं। बिलासपुर जिला सहकारी बैंक के अंतर्गत बिलासपुर, जीपीएम, जांजगीर, कोरबा, मुंगेली और सक्ती जिले आते हैं। इन जिलों में कुल 5 लाख 37 हजार 961 किसान पंजीकृत हैं और 29 लाख 99 हजार 410 टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। 15 नवंबर से जारी खरीदी के बावजूद अब तक करीब 1 लाख 47 हजार किसान धान बेचने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्हें न तो समय पर टोकन मिल रहा है और न ही खरीदी केंद्रों की लिमिट बढ़ाई जा रही है, जिससे वे लगातार दफ्तरों और केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। धान खरीदी की धीमी रफ्तार के बीच प्रशासन दावा कर रहा है कि समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों से धान खरीदा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश वाजिब किसानों ने धान बेच दिया है और अवैध धान खपाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। वहीं, किसानों का कहना है कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो बड़ी संख्या में किसान धान बेचने से वंचित रह सकते हैं, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां और बढ़ जाएंगी।




