
प्रदेश में धान खरीदी अपने अंतिम चरण में पहुंचते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में आ गया है। खरीदी के इस संवेदनशील दौर में अवैध धान कारोबार और री–सायकलिंग की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। जिले में अब तक करीब 75 प्रतिशत किसान अपना धान बेच चुके हैं, जबकि शेष अवधि में गड़बड़ियों की संभावना को रोकने के लिए विशेष टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि कोच्चियों और बिचौलियों के माध्यम से धान की अवैध खरीद और री–सायकलिंग की कोशिशें की जा रही थीं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 71 कोच्चियों से 3 हजार क्विंटल से अधिक अवैध धान जब्त किया गया है। यह कार्रवाई नियमों की अनदेखी कर मुनाफाखोरी करने वालों के लिए कड़ा संदेश मानी जा रही है। इसी के साथ जिले की राइस मिलों पर भी प्रशासन की सख्त नजर बनी हुई है। जिले में संचालित 181 राइस मिलों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। नियमों के उल्लंघन और रिकॉर्ड में गड़बड़ी पाए जाने पर अब तक 5 राइस मिलों को सील कर दिया गया है। इन मिलों में लगभग 1 लाख क्विंटल से अधिक धान से जुड़ी अनियमितताओं का खुलासा हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 56 करोड़ रुपये आंकी गई है।




