
छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक अहम फैसला लेते हुए प्री-वेडिंग शूट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। समाज में बढ़ती दिखावटी प्रवृत्ति और अनावश्यक खर्च को रोकने के उद्देश्य से लिया गया यह निर्णय प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। साहू संघ का मानना है कि विवाह जैसे पवित्र संस्कार को प्रदर्शन का माध्यम बनाना समाजिक मूल्यों के विपरीत है। यह निर्णय रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष डॉ. नीरेंद्र साहू ने की।

बैठक में प्रदेशभर से आए जिला अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। सामाजिक परिस्थितियों बदलते संस्कार और बढ़ती फिजूलखर्ची पर गहन मंथन के बाद सर्वसम्मति से प्री-वेडिंग शूट पर रोक लगाने का प्रस्ताव पारित किया गया। साहू समाज के इस फैसले को बिलासपुर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। समाज के कई वरिष्ठ और प्रबुद्ध लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए इसे नई पीढ़ी को सही दिशा देने वाला कदम बताया है। उनका कहना है कि ऐसे फैसले समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और स्वस्थ सामाजिक वातावरण बनाने में सहायक होंगे।




