
पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता के निर्देशन में पुलिस कार्यालय बलौदाबाजार में पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई, किशोर न्याय बोर्ड एवं बालक कल्याण समिति के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में हिरासत में लिए गए विधि से संघर्षरत किशोर बालकों से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश किशोर अपराधों के पीछे नशे की लत मुख्य कारण है। नशे की हालत में किशोर अपराध कर बैठते हैं और बाद में उन्हें अपने कृत्य का अहसास नहीं रहता। ऐसे में नशे की गिरफ्त में फंसे किशोरों की समय पर काउंसलिंग और उपचार बेहद जरूरी है।

इसको लेकर भाटापारा शहर में विशेष किशोर नशा मुक्ति केंद्र खोलने पर जोर दिया गया।पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता ने कहा कि किशोरों पर सबसे अधिक प्रभाव और नियंत्रण उनके माता-पिता का होता है। यदि पालक बच्चों की दिनचर्या, मित्रों और गतिविधियों पर सतत निगरानी रखें, तो वे नशे और अपराध से दूर रह सकते हैं। उन्होंने स्कूलों में बच्चों व अभिभावकों के साथ समन्वय बैठक आयोजित करने और नियमित रूप से अनुपस्थित रहने वाले छात्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।उन्होंने हाल के दिनों में स्कूलों में हुई चाकूबाजी की घटनाओं का जिक्र करते हुए विद्यालय परिसरों में सतर्कता बढ़ाने की बात कही। बैठक में पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समिति के वरिष्ठ अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।




