
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के नौवें संस्करण ने इस वर्ष बिलासपुर जिले में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। जिले के 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने इस संवाद कार्यक्रम में सीधा जुड़कर प्रधानमंत्री के सुझावों को सुना। मुख्य कार्यक्रम जल संसाधन विभाग के प्रार्थना भवन में आयोजित हुआ, जहाँ प्रधानमंत्री ने छात्रों को परीक्षा के तनाव से मुक्त होकर आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सही इस्तेमाल करने की सलाह दी। शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों से संवाद करते हुए कहा कि आज के युग में स्किल डेवलपमेंट के साथ-साथ तकनीक से दोस्ती करना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से ए आई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्र इसका भरपूर उपयोग करें। पीएम ने समझाया कि एआई केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि जटिल विषयों को आसानी से समझने और सूचनाओं को त्वरित प्राप्त करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे तकनीक के गुलाम न बनें, बल्कि तकनीक को अपना सहायक बनाकर अपनी पढ़ाई को स्मार्ट बनाएं।बिलासपुर जिले के 131 परीक्षा केंद्रों, सभी सरकारी स्कूलों और ग्राम पंचायतों में भी इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। जिले से इस बार रिकॉर्ड पंजीकरण हुआ था, जिसके चलते ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी उत्साह देखा गया। प्रधानमंत्री ने अभिभावकों को भी सलाह दी कि वे बच्चों पर अंकों का दबाव न डालें, बल्कि उनकी रुचियों और कौशल को निखारने में मदद करें। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने परीक्षा को एक बोझ के बजाय उत्सव की तरह मनाने का संकल्प लिया।प्रधानमंत्री ने कहा कि AI छात्रों के लिए जानकारी उपलब्ध कराने का सबसे आसान जरिया हो सकता है। यदि छात्र इसका सही इस्तेमाल करना सीख जाएं, तो वे कठिन से कठिन शोध और विषयों को चुटकियों में हल कर सकते हैं। उन्होंने स्किल डेवलपमेंट पर जोर देते हुए कहा कि केवल डिग्री नहीं, बल्कि कौशल ही भविष्य की असली पूंजी है। प्रधानमंत्री जी का AI को लेकर दिया गया सुझाव छात्रों के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। बिलासपुर जिले के 3 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया है। तकनीक और स्किल के मेल से हमारे छात्र आगामी बोर्ड परीक्षाओं में और भी बेहतर प्रदर्श हर साल प्रधानमंत्री के द्वारा परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम के माध्यम से परीक्षण में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाता है जब से प्रधानमंत्री ने इस कार्यक्रम को शुरू किया है विद्यार्थियों को परीक्षा के समय काफी प्रोत्साहन भी मिला है यही वजह है कि विद्यार्थी भी अब साल में एक बार इस कार्यक्रम का इंतजार करते हैं और सीधे प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन पर चलकर परीक्षा में शामिल होकर बेहतर प्रतिसाद हासिल भी कर रहे हैं।




