
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह बस्तर पंडुम 2026 के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बस्तर की पहचान बारूद या भय नहीं, बल्कि यहां की समृद्ध संस्कृति, कला और विरासत है। बस्तर पंडुम के माध्यम से खान-पान, नृत्य, गीत, नाटक सहित 12 विधाओं में बस्तर की संस्कृति को पुनर्जीवित किया गया है,

जिसमें सात जिलों से 55 हजार आदिवासी प्रतिभागियों की सहभागिता नक्सल मुक्त बस्तर का प्रमाण है।अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार आदिवासी समाज के संरक्षण और सम्मान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। बस्तर को अगले पांच वर्षों में सबसे विकसित आदिवासी क्षेत्र बनाया जाएगा, जहां पर्यटन, उद्योग और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील करते हुए कहा कि सरकार पुनर्वासन के लिए तैयार है, लेकिन हथियार उठाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




