16.3 C
Bilāspur
Sunday, February 15, 2026
spot_img

कोयला खदानों और जर्जर सड़कों से उड़ने रही काली धूल कर्मचारी और ग्रामीण रोजाना इस काली डस्ट को अपने फेफड़ों में उतारने को मजबूर

एसईसीएल प्रबंधन की कोयला खदानों और जर्जर सड़कों से उड़ने वाली काली धूल अब क्षेत्र के लिए धीमा जहर साबित हो रही है खदानों से कोयला लेकर निकलने वाले भारी वाहनों ने न केवल कॉलोनियों और गांवों की आबोहवा बिगाड़ दी है बल्कि आलम यह है कि खुद क्षेत्रीय महाप्रबंधक कार्यालय भी अब इस धूल के गुबार से अछूता नहीं रह गया है ।हैरानी की बात यह है कि जो अधिकारी इस प्रदूषण को रोकने के लिए जिम्मेदार हैं वे खुद धूल भरे कमरों में बैठकर फाइलों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं हवा में उड़ती कोयले की महीन डस्ट अब एसईसीएल के दफ्तरों के भीतर तक प्रवेश कर चुकी है कर्मचारी और ग्रामीण रोजाना इस काली डस्ट को अपने फेफड़ों में उतारने को मजबूर हैं लेकिन प्रबंधन गहरी नींद में सोया हुआ हैप्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे रहने वाले परिवारों का जीना मुहाल हो गया है घरों के भीतर रखी खाने-पीने की चीजों से लेकर बिस्तर तक पर कोयले की परत जम रही है इतनी गंभीर स्थिति के बावजूद अधिकारी एसी कमरों और बंद गाड़ियों में बैठकर जनता की तकलीफों के प्रति आंखों पर काली पट्टी बांधे हुए हैं ।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

132,000FansLike
3,912FollowersFollow
21,600SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

Latest Articles