
वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 तक बिजली दर टैरिफ निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर मंगलवार को बिलासपुर क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए जनसुनवाई आयोजित की गई। इसमें बिलासपुर, मुंगेली, कोरबा और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिलों के उपभोक्ताओं ने भाग लेकर आयोग के समक्ष अपने सुझाव और आपत्तियां प्रस्तुत कीं।जनसुनवाई का आयोजन तिफरा स्थित कार्यपालक निदेशक कार्यालय में किया गया, जहां से ऑनलाइन माध्यम से रायपुर स्थित आयोग कार्यालय से सीधा जुड़ाव किया गया। आयोग ने पहली बार दूर-दराज क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को शामिल करने के लिए क्षेत्रवार ऑनलाइन व्यवस्था लागू की, जिससे आम नागरिक, किसान और औद्योगिक प्रतिनिधि आसानी से प्रक्रिया में शामिल हो सके।आयोग के अधिकारियों ने बताया कि प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों को रिकॉर्ड में दर्ज कर लिया गया है और उनका विस्तृत अध्ययन करने के बाद ही बिजली दरों का अंतिम निर्धारण किया जाएगा। साथ ही उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया गया कि पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सभी पक्षों को ध्यान में रखकर निर्णय लिया जाएगा।इसी क्रम में रायपुर स्थित आयोग कार्यालय में 19 और 20 फरवरी को अलग-अलग श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए जनसुनवाई का कार्यक्रम तय किया गया है, जहां इच्छुक उपभोक्ता सीधे उपस्थित होकर अपनी बात रख सकते हैं। जनसुनवाई में क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।




