
बिलासपुर में आज “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत कांग्रेस ने जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के नेहरू चौक पर एकत्रित हुए और वहां से कलेक्ट्रेट कार्यालय तक रैली निकालते हुए घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पूरे क्षेत्र में नारेबाजी और विरोध की गूंज सुनाई दी। नेहरू चौक पर आयोजित सभा में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था से ग्रामीण मजदूरों को नुकसान हो रहा है और 100 दिन की रोजगार गारंटी योजना का स्वरूप बदला जा रहा है। इस दौरान धरना प्रदर्शन के बाद कलेक्ट्रेट घेराव करने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बीच में ही रोक लिया और वैलिडेटिंग कर उन्हें रोका गया इस दौरान पुलिस और कांग्रेस से कार्यकर्ताओं के बीच गहमा गहमी की स्थिति भी बनती दिखी।

कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जबकि गरीब और मजदूर वर्ग प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन केवल शुरुआत है और जरूरत पड़ी तो लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक लड़ी जाएगी। मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने भी सरकार पर आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार गरीबों को परेशान कर रही है।

वहीं पूर्व बैंक अध्यक्ष प्रमोद नायक ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण परिवारों की आजीविका का बड़ा सहारा है और इसे कमजोर करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगा। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि मनरेगा कमजोर होती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन बढ़ेगा और बच्चों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखी गई और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखी गईं।




