भवन सुना रेलवे परिक्षेत्र में हिंदुस्तानी सेवा समाज के द्वारा रामलीला भवन बनाया गया था लेकिन जब आज पूरा देश राम भक्ति में डूबा हुआ है.
बिलासपुर की जब स्थापना हुई थी तब रेलवे परिक्षेत्र में हिंदुस्तानी सेवा समाज के द्वारा रामलीला भवन बनाया गया था लेकिन जब आज पूरा देश राम भक्ति में डूबा हुआ है.
लेकिन ऐसे में रेलवे परिक्षेत्र का या रामलीला भवन इस भव्य आयोजन से कोसों दूर है क्योंकि मौजूदा समय में जो कमेटी के मेंबर है उन्हें इस तरह की राम आयोजन पर ज्यादा विश्वास नहीं है ऐसा लगता है एक और जहां सभी राम मंदिरों में पूजा अनुष्ठान का दौर चल रहा है भव्य भंडारे का आयोजन हो रहा है उसे दौरान कई रामलीला का मंचन करने वाले इस रामलीला भवन का ऐसा सुना रहना कहीं ना कहीं पदाधिकारी की निष्क्रियता को दर्शाता है दरअसल नवरात्र के 9 दिन यहां रामलीला का मंचन प्रतिवर्ष होता है तो वहीं दसवें दिन रावण दहन के साथ यहां रामलीला का समापन होता है लेकिन जब आज देश भव्य राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर उत्सव मना रहा है वैसे में इस रामलीला भवन का सुना रहना कहीं ना कहीं हिंदुस्तानी सेवा समाज के पदाधिकारी की छोटी मानसिकता को दर्शाता है ऐसा नहीं है कि यहां आयोजन नहीं किया जा सकता था लेकिन न जाने क्यों यहां के पदाधिकारी केवल रामलीला तक ही इस भवन को सीमित रखना चाहते हैं बाकी राम के कोई भी आयोजन हो उन्हें इससे कोई लेना-देना नहींरामनवमी के समय भी या भवन सुना रहता है और आज भव्य राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी क्या भवन सुना ही नजर आया लिहाजत क्षेत्र के रहवासी भी पदाधिकारी के इस रवैया से खासी आकर्षित है और उनका मानना है कि देश के इस उत्सव में सभी को शामिल होना चाहिए भले इस पर कितने भी आपसी आक्रोश हो उन सब को दूर कर उत्सव में तो शामिल सभी को होना चाहिए।







