
सीपत क्षेत्र के वनांचल ग्राम सोंठी स्थित बगलामुखी मां मन्नादाई मंदिर में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर जहां एक ओर भक्ति की गंगा बह रही है, वहीं दूसरी ओर समाज को नई दिशा देने वाला प्रेरणादायक संदेश भी सामने आया है।मंदिर समिति के अध्यक्ष और जेवरा हाई स्कूल के प्राचार्य रामेश्वर जायसवाल ने अपने जन्मदिन 23 मार्च को एक बड़ा संकल्प लेते हुए मृत्यु के बाद सिम्स बिलासपुर को अपना शरीर दान करने की घोषणा की है। उन्होंने अपनी पत्नी उषा जायसवाल और परिवारजनों की उपस्थिति में शरीर दान संकल्प फॉर्म भरकर यह संदेश दिया कि मृत्यु के बाद भी इंसान दूसरों के जीवन में रोशनी ला सकता है।

प्राचार्य जायसवाल ने बताया कि उनका यह कदम समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से है, ताकि अधिक से अधिक लोग अंगदान के लिए प्रेरित हों। उन्होंने कहा कि आंख, किडनी, लीवर जैसे अंग जरूरतमंदों के लिए नया जीवन बन सकते हैं, और यह सबसे बड़ा मानव सेवा का कार्य है।इसी के साथ सोंठी के बगलामुखी मंदिर में 19 मार्च से सार्वजनिक श्रीमद् देवी भागवत महापुराण का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय कथावाचिका हेमलता शर्मा अपनी संगीतमयी वाणी में देवी महिमा का वर्णन कर रही हैं,

जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है और प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।गौरतलब है कि इस भव्य मंदिर का निर्माण ग्रामवासियों की एकजुटता और सामूहिक श्रमदान से हुआ है। चंदा और सेवा भाव के साथ ग्रामीणों ने मिलकर मंदिर, ज्योति कक्ष और मंच का निर्माण कराया, जिसमें रामेश्वर जायसवाल की प्रेरणा अहम रही। आज यह धाम न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि सेवा, समर्पण और सामाजिक जागरूकता का भी प्रतीक बन चुका है।




