
बिलासपुर में बर्ड फ्लू के बाद प्रशासन की सख्ती अब विरोध में बदलती नजर आ रही है। चिकन और अंडा दुकानों को बंद किए जाने से नाराज व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।दरअसल, कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट प्रक्षेत्र में बर्ड फ्लू मिलने के बाद प्रशासन ने करीब 10 किलोमीटर के दायरे में सभी चिकन और अंडा दुकानों को बंद करने के निर्देश दिए हैं। लेकिन इस फैसले के खिलाफ व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने शहर विधायक अमर अग्रवाल के निवास का घेराव कर दुकानें खोलने की मांग उठाई और चेतावनी दी कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।व्यापारियों का कहना है कि नवरात्रि के चलते पहले ही कई दिनों तक दुकानें बंद रहीं, और अब अतिरिक्त बंदी ने उनकी कमर तोड़ दी है। उनका दावा है कि शहर में रोजाना करीब 2 करोड़ रुपये का चिकन कारोबार पूरी तरह ठप हो गया है। करीब 200 दुकानें बंद होने से सैकड़ों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है, जिससे नाराजगी और बढ़ती जा रही है।वहीं व्यापारियों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब बर्ड फ्लू का मामला शासकीय प्रक्षेत्र तक सीमित है, तो निजी दुकानों को बंद करना क्यों जरूरी है। उन्होंने दो टूक कहा है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। अब सबकी नजर प्रशासन पर टिकी है कि वह सख्ती जारी रखता है या व्यापारियों को राहत देता है।




