
बिलासपुर के सीएमपीडीआई स्थित सामुदायिक भवन में एक भव्य साहित्यिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर सुविख्यात साहित्यकार सतीश जायसवाल के करकमलों द्वारा शहर के उभरते कवि अजीत सिंह गौर के नवीन काव्य संग्रह “रेत पर उकेरे जो शब्द” का विमोचन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सतीश जायसवाल तथा अध्यक्षता प्रसिद्ध समालोचक डॉ. जयप्रकाश (दुर्ग) ने की।

उनके उद्बोधनों को उपस्थित साहित्यप्रेमियों ने खूब सराहा।विमोचन के पश्चात आयोजन बहुआयामी रूप लेता गया। डॉ. दीप्ति मिश्रा लाड़ीकर की प्रकृति-आधारित पेंटिंग्स और डॉ. कपिल मिश्रा द्वारा खींचे गए पक्षियों के फोटोग्राफ की प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र रही। इसके बाद डॉ. अजय पाठक की अध्यक्षता में कवि गोष्ठी आयोजित हुई, जिसमें नीरज मनजीत, अशोक शर्मा, दलजीत सिंह और पद्मनाभ मिश्र ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब कथक नृत्यांगना विद्या हरि देशपांडे ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अंत में मुंबई की गायिका गुरशीत खनूजा ने गीतों और गजलों से समा बांध दिया। कार्यक्रम का संचालन सुप्रिया भारतीयन ने प्रभावशाली ढंग से किया।




