छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ.पं.क्रमांक 409.प्रान्तीय शाखा
संघर्ष से सफलता की ओर..
22 फरवरी सभी जिला मुख्यालय मे प्रदेश के एक लाखआंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका निकालेगी ऐतिहासिक रैली.कलेक्टर कार्यालय के समझ करेगे जंगी प्रदर्शन और माननीय प्रधानमंत्री जी के नाम सौपेगे ज्ञापन.
देश मे आइसीडीएस की स्थापना को लगभग 50 वर्ष होने को जा रहा है लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्रो मे कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं जो देश मे लगभग 26 लाख की संख्या मे हैं और ये सभी महिला है लेकिन आज भी बुनियादी सुविधाओ से वंचित हैं.इन्हे इन 50 वर्षो मे कार्यकर्ता को 4500/- और सहायिका को इसके ठीक आधा 2250/- केन्द्र सरकार से मानदेय मिल रहा है जिसे किसी भी स्थिति मे जीने लायक वेतन नही कहा जा सकता।इसके अलावा और कोई भी सुविधा.मेडिकल.पेशन.ग्रेज्युवेटी.ना ही समूह बीमा जैसे बुनियादी सुविधा भी नही मिल रही है.काम मे जाने का समय है लेकिन वापस कब आयेगे उसका कोई ठिकाना नही.बिमार होने पर अवकास की सुविधा नही है इलाज के समय का मानदेय काटो.बेटी के हाथ पिला करना है तो मानदेय कटवाओ.पति बिमार है सेवा करनी है तो मानदेय कटवाओ महज 2250/- मे बहुद्देशीय कार्यकर्ता की तरह सभी विभागो का काम करने वाली नारी शक्ति को जब दाम देने की बारी आती है तो कहा जाता है कि तुम तो समाज सेविका हो शासकीय कर्मचारी नही हो.और जब काम लेने और दण्ड देने की बात आती है तो शासकीय कर्मचारी से भी ज्यादा जिम्मेदारी थोपी जाती है.दण्ड तो ऐसा दिया जाता है कि सिधा नौकरी से बर्खास्तगी लेटर ही थमा दिया जाता है.1975 से आज तक अपनी पहचान के लिये संघर्ष कर रही सरकार ना तो मजदूर मानती है और ना ही कर्मचारी.
आखिर जीने लायक न्यूनतम मजदूरी 21000/- समाजिक सुरक्षा के रूप मे बुढ़ापे का सहारा मासिक पेशन.ग्रेज्युवेटी.दुर्घटना और अकस्मात मृत्यु पर समूह बीमा की राशि के साथ ही साथ पर्याप्त अवकास .चिकित्सा सुविधा जैसे लाभ कब तक मिल पायेगा.आवाज उठाने नेतृत्व कर्ताओ के ऊपर सेवा बर्खास्तगी.जैसी कार्यवाहियो से गुजरना पड़ रहा.विगत कुछ माह पूर्व काग्रेसी कार्यकाल मे इन्ही बातो का आवाज उठाने के लिये प्रदेश 43 दिवस की हड़ताल आंगनबाड़ी संघ द्वारा किया गया था हड़ताल के बाद संघ प्रान्तीय सचिव सुमन यादव रायपुर ओर रूक्मणी सज्जन जगदलपुर को राजनितिक रंग देते हुये कि आप भाजपा पार्टी का काम करते है और सरकार को गाली गलौज दिये है का आरोप के साथ एकतरफा नियम विपरीत कार्यवाही करते हुये सेवा से पृथक कर दिया गया है आज भी सेवा से बेदखल है.इस तरह एक गुलामी और दहसत के माहौल मे सेवाये दे रही हैं। इन्हे अपने केन्द्र के लिये एक झाड़ू भी खरीदने का अधिकार नही है साल भर के लिये दो चार झाड़ू और दिनचर्या की सभी सामग्री भी परियोजना कार्यालय से प्रदाय किया जाता.रेडी टू इट.पोषण आहार.ईधन.मोबाईल की राशि.स्टेशनरी सही समय मे सही मात्रा मे नही मिलना और इस पर ध्यानाकर्षण करने पर नोटिस की कार्यवाही आखिर यह ब्यवस्था कब तक सुधर पायेगी.इन अब्यवस्थाओ के बाद भी कार्यकर्ता सहायिकाये अपनी सेवाये दे रही है।
छत्तीसगढ़ मे और केन्द्र मे भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने से प्रदेश के एक लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओ मे एक नई आस जगी है और लोक सभा चुनाव के पहले मानदेय मे वृध्दी.पेशन.ग्रेज्युवेटी.बीमा.चिकित्सा और पर्याप्त अवकास जैसे बुनियादी सुविधा प्राप्त होने की उम्मीद लगाये है.
इसलिये दिनांक 22 फरवरी 2024 को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय मे विशाल रैली प्रदर्शन कर केन्द्र सरकार का ध्यानाकर्षण किया जायेगा और राज्य कलेक्टर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार और माननीय मुख्यमंत्री छत्तीसगढ शासन के नाम ज्ञापन सोपकर पूर्ति हेतु आग्रह किया जायेगा।
उक्त जानकारी स़घ के प्रान्तीय संयोजक देवेन्द्र पटेल द्वारा दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच छत्तीसगढ़ के प्रान्तीय पदाधिकारी सरिता पाठक.रायपुर.रूक्मणी सज्जन.जगदलपुर.हेमाभारती.अभनपुर.कल्पना चंद पखाजुर.पार्वती यादव कबीरधाम.संतोषी वर्मा राजनांदगांव.पिकि ठाकुर.खैरागढ.सुचित्रा मानिकपुरी.कटघोरा के द्वारा प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी .मिनि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता.सहायिकाओ से अपील की गई है की 22 फरवरी के प्रदेश ब्यापी विशाल रैली प्रदर्शन कै सफल बनावे और अपनी चट्टानी एकता का परिचय देवे।
देवेन्द्र पटेल
प्रान्तीय संयोजक.छ.ग.आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका स़घ






