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Sunday, April 5, 2026
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महतारी वंदन योजना के तहत आवेदन पत्र जमा करने की शुरुआत सोमवार को हो गई। पहले दिन ही सभी केंटो पर अफरातफरी नजर आई।

महतारी वंदन योजना के तहत आवेदन पत्र जमा करने की शुरुआत सोमवार को हो गई। पहले दिन ही सभी केंटो पर अफरातफरी नजर आई।

इस बार चुनाव के दौरान भाजपा के लिए रामबाण साबित हुई महतारी वंदन योजना के नियम जनवरी महीने के अंतिम दिनों में स्पष्ट किए गए, इसके बाद 5 फरवरी से लेकर 20 फरवरी तक आवेदन पत्र जमा किए जाएंगे। इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों की भी मारामारी है। हालांकि आवेदन ऑनलाइन भी जमा हो रहे हैं लेकिन इसके अलावा पंचायत, वार्ड कार्यालय, बाल विकास परियोजना कार्यालय, स्कूल और आंगनबाड़ी केदो में भी आवेदन पत्र लिए जा रहे हैं ।इसी कड़ी में तोरवा आत्मानंद स्कूल में भी बड़ी संख्या में महिलाएं फॉर्म जमा करने पहुंची , लेकिन यहां आवेदन पत्र ही कम पड़ गए। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने महिलाओं को चॉइस सेंटर जाने की सलाह दे दी । फार्म न होने की वजह से अधिकांश महिलाएं निराश होकर वापस लौट गई। महतारी वंदन योजना के तहत विवाहित, तलाकशुदा, परित्यक्ता और विधवा महिलाओं को हर महीने ₹1000 और साल में ₹12000 दिए जाएंगे। लेकिन आवेदन के साथ कुछ जरूरी दस्तावेज भी जमा करने हैं, जिनमें से अधिकांश दस्तावेज महिलाओं के पास है ही । नहीं प्रदेश की 50 लाख में से ज्यादातर महिलाओं के पास विवाह का प्रमाण पत्र ही नहीं है। हिंदू परंपराओं में विवाह के बाद महिलाएं कोर्ट जाकर प्रमाण पत्र नहीं बनवाती। खास कर बुजुर्ग महिलाओं के पास तो ऐसा कोई भी दस्तावेज नहीं है । वही स्कूल न जाने वाली महिलाओं के पास ना तो निवास प्रमाण पत्र है ना बर्थ सर्टिफिकेट और ना ही। ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जुटाने में भी पात्र महिलाओं को पसीने छूटने लगे हैं।
कुछ पार्षदों ने महिलाओं को विवाह एवं निवास प्रमाण पत्र देने के लिए पृथक व्यवस्था की है तो वहीं कुछ घमंडी किस्म के पार्षदो का जैसे इस योजना से कोई सरोकार ही नहीं है। पूछने पर वे महिलाओं को नोटरी के पास जाकर शपथ पत्र बनाने की सलाह दे रहे हैं। इनमें से भाजपा पार्षदों की भी संख्या कम नहीं है , जो अपने ही पार्टी की योजना को पलीता लगा रहे हैं।
हालांकि योजना में अब छूट देते हुए जिनके पास विवाह प्रमाण पत्र नहीं है उन्हें पार्षद द्वारा प्रमाणित या फिर शपथ पत्र के माध्यम से भी योजना का लाभ दिए जाने की बात कही जा रही है। महिलाओं के पास मोबाइल नंबर नहीं होने की हालत में उन्हें राशन कार्ड की फोटोकॉपी जमा करना होगा । जो महिलाएं पंचायत में निवास कर रही है उन्हें सचिव से विवाह प्रमाणित करना होगा और जो नगरीय निकाय में रहती है उन्हें अपने वार्ड के पार्षद से इस बात का सर्टिफिकेट लेना होगा। वैसे चॉइस सेंटर से विवाह प्रमाण पत्र लेने में 15 दिन का समय लग जाता है और महिलाओं के पास इतने दिन नहीं है।
सरकार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी की 8 मार्च के मौके पर महिलाओं को यह सौगात देना चाहती है लेकिन इसमें बहुत अधिक वक्त नहीं है तो वहीं अधिकांश महिलाओं के पास अपना बैंक खाता भी नहीं है। सरकार सीधे महिलाओं के खाते में पैसे भेजने की बात कह रही है। 21 साल से अधिक उम्र की विवाहित विधवा , तलाकशुदा अथवा परित्यक्ता महिलाओं को योजना का लाभ मिलेगा ।इसके लिए उन्हें राज्य का स्थाई निवासी होना होगा लेकिन यह प्रमाण पत्र जुटाना भी आसान नहीं है। सरकार योजना की जानकारी और आवेदन में मदद के लिए जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाने के दावे कर ही है। वैसे तो आवेदन पूरी तरह निशुल्क है लेकिन अगर महिलाओं को चॉइस सेंटर जाना पड़ा तो उन्हें इसके लिए शुल्क पटना होगा , क्योंकि महिलाओं को फिलहाल तो ग्राम पंचायत, आंगनबाड़ी केंद्र, नगर निगम वार्ड कार्यालय, बाल विकास कार्यालय में खास मदद नहीं मिल रही है । विवाह के अलावा जन्म प्रमाण पत्र को लेकर भी महिलाओं को दिक्कत हो रही है । ऐसे में एफिडेविट बनाना भी आसान नहीं होगा। जन्म प्रमाणित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र के साथ 10वीं 12वीं की अंक सूची, स्कूल दाखिल खारिज ,सर्टिफिकेट पैन कार्ड मतदाता परिचय पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा जा रहा है। जो महिलाएं स्कूल नहीं गई उनके पास यह दस्तावेज होना संभव नहीं है। ऐसे में नहीं लग रहा है कि उन्हें योजना का लाभ मिल भी पाएगा। इसके लिए मतदाता परिचय पत्र का भी सहारा लिया जा सकता है लेकिन अधिकांश मतदाता परिचय पत्र में उम्र गलत लिखी हुई है। ऐसे में महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हो सकती है। जिन महिलाओं का बैंक में खाता नहीं है उन्हें बैंक में खाता खुलवाना होगा, क्योंकि आवेदन के साथ बैंक खाते का विवरण और बैंक पासबुक की छाया प्रति भी जमा करनी होगी।
महतारी वंदन योजना को लेकर जिला प्रशासन ने 8 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, लेकिन इनसे भी कोई खास मदद नहीं मिल रही है। सरकार का दावा है कि राजस्व पखवाड़ा शिविरों में भी आवेदन जमा किए जा सकेंगे, लेकिन जिस तरह से पहले ही दिन आवेदन पत्र ही समाप्त समाप्त हो गए उससे लगता नहीं की नियत तारीख 20 फरवरी तक सभी पात्र महिलाएं आवेदन जमा भी कर पाएंगी, ऐसे में विपक्ष को लोकसभा चुनाव से पहले एक बड़ा मुद्दा मिल जाएगा। इसलिए इस मामले में पूरी प्रशासनिक ताकत झोंकने के साथ भाजपा वार्ड पार्षदों को भी यह निर्देशित करना होगा कि वे अपने-अपने वार्ड की महिलाओं के आवश्यक दस्तावेज में पूरा सहयोग करें क्योंकि भाजपा के कुछ पार्षद इतने घमंडी हैं कि वे अपने वार्ड के लोगों से बात करना भी अपना अपमान समझते हैं। पार्षद होने के बावजूद भी ये खुद को किसी विधायक या मंत्री से कम नहीं समझते। उनके घर के दरवाजे आम लोगों के लिए अक्सर बंद होते हैं ऐसे में मुमकिन है कि उनके दरवाजे पर पहुंचने वाली महिलाओं को तिरस्कार का सामना करना पड़े, जिसका नुकसान भाजपा को आगामी चुनाव में जरूर होगा, इसलिए ऐसे पार्षदों पर भी नकेल कसने की आवश्यकता है।

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