छत्तीसगढ़ मसीही मेला मदकू द्वीप में समापन आज




छत्तीसगढ़ मसीही मैला 05 फरवरी से 11 फरवरी तक मदकू दीप में आध्यात्मिक एवं धार्मिक रीति रिवाज रिवाज के साथ चल रहा है देश-विदेश से मोदी ोग यहाँ आते हैं। रामपुर राष्ट्रीय मार्ग पर बैतलपुर से तीन किलोमीटर पूर्व की और शिवनाथ नदी से बने प्राकृतिक टापू पर विगत 115 वर्षों से मसीही मेला संचालित है। पिडले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष मेले में भारी संख्या में लोगों की उपस्थिति देखी गई। मेला समिति के द्वारा लगभग 10 से 15 दिनों में उसकी सम्पूर्ण तैयारी पूर्ण कर ली जाती हैं।
आराधना स्थल पर विशाल शामियाना लगाया गया है जहाँ अधिक से अधिक विश्वासियों की बैठने की व्यवस्था की गई है। ठहरने हेतू लोगों के लिए 650 छोटे-छोटे टेंट की व्यवस्था है। 250 स्टाल, 10 बड़े होटल, गुमटी, विश्राम गृह, आदि की तैयारी, मसीह टेट हाऊस बिलासपूर के एडवड मसीह द्वारा की गई है। रंग बिरंगे विद्युत बल्बों से आकर्षक लाईटिंग की व्यवस्था की गई है, पीने की पानी हेतू नारिंग व टेप नल की व्यवस्था है। धार्मिक सामाग्री, मसीही पुस्तकें, मसीही गीत, एवं रुप सौन्दर्य, घरेलू साज सज्जा, सजावट की सामाग्री हेतू स्टाल, नाश्ता एवं एवं भोजन, के लिए होटल, ठहरने व रात्री विश्राम के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। प्रधान वक्ता रेव्ह. अजय डेनिएल काले जो गुडगाव हरियाणा से
आये हैं प्रतिदिन उनके द्वारा सारगर्मित प्रवचन प्रचारित किये जा रहे हैं मेला के अध्यक्ष-रेव्ह, डॉ. अर्पण तरुण, उपाध्यक्ष – अलेक्जेंडर मॉल, सचिव – ए.ए. लुका, कोषाध्यक्ष – रेव्हरकिश प्रकाश, और मेला प्रबंधक- अभिषेक – शावल हैं। कार्यकारिणी सदस्य रेव्ह अनुराग नयानिएल, रेव्ह, राड्रिक जॉन, रुहः समीर फेंकलिन, रेव्ह निखिल पॉल हैं।
शनिवार को सुनह प्रभात फेरी से कार्यक्रम प्रारम्भ होकर रूस की छाया में आराधना, आत्मिक संदेश, गीत संगीत प्रतियोगिता, पारितोषिक वितरण हुया । रविवार की आराधना में प्रभु भोज, स्तुति गान, आराधना, भेंट अर्पण) आगामी वर्ष के लिए नवगठित मेला कार्यकारिणी का अर्पण, धन्यवाद ज्ञापन, समापन एवं आशीष के साथ मेला का समापन होगा। उपर्युक्त जानकारी होन चर्च ऑफ खाईप्ष्ट बिलासपुर के सीनियर पास्टर सुदेश पाल ने दी।




