सतनामी समुदाय की श्मशान भूमि व सार्वजनिक पेयजल नल बोर-रोड को जबरन घेरकर,अपने कब्जे में करने वाले एवं सार्वजनिक तालाब को पाटकर खेत बना लेने वाले, राजनैतिक नेता की ग्रामीणों द्वारा अनेकों बार प्रशासन से शिकायत करने के बाद समाधान कारक कार्यवाही नहीं करने से क्षुब्ध ग्रामीणों ने LSU/GSS प्रमुख लखन सुबोध से भेंटकर न्याय के लिए संग-साथ मांगा।
दिनांक 24-02-24 को मल्हार परिक्षेत्र (मस्तूरी ब्लाक जिला बिलासपुर छ.ग.) के सरसेनी गांव के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने “गुरुघासीदास सेवादार संघ (GSS) एवं लोक सिरजनहार यूनियन (LSU) के प्रमुख लखन सुबोध से उनके निवास बिलासपुर में आकर भेंट किए।
ग्रामीणों ने बताया कि, ग्राम सरसेनी में करीब 21 वर्ष पूर्व सतनामी समुदाय के बरसों-बरस पुरानी श्मशान भूमि को गांव के राजनैतिक-प्रशासनिक प्रश्रय प्राप्त व्यक्तियों ने कब्जा कर खेत बना लिया। उसे प्रशासन नहीं हटा सका।
फिर गांव के दूसरी जगह (डबरी खार) पर श्मशान भूमि बनाने शांतिबाई कैवर्त के सरपंच काल में तीन एकड़ भूमि को आरक्षित-प्रस्तावित कर दिया गया। वहां पर सरकारी पेयजल बोर की व्यवस्था भी की गई।
लेकिन पिछले 5 वर्ष पूर्व गांव के एक व्यक्ति सुनील पटेल वगैरह ने जो मस्तूरी ब्लॉक युवा कांग्रेस का अध्यक्ष कहता है। उन्होंने श्मशान स्थल में लगी बरसों-बरस पूर्व स्थित सार्वजनिक तालाब को समतल- पाटकर खेत व पोल्ट्री फार्म बनाया और उस श्मशान भूमि के अधिकांश भूमि पर (करीब ढाई तीन एकड़ श्मशान भूमि के 75% हिस्से पर) वहां पहुंचने के आम सड़क व पेयजल बोर पर कब्जा कर लिया।
इससे सतनामी समुदाय को अपने शव कफन-दफन करने, वहां आने-जाने रोड-पेयजल निस्तार करने बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
वहां पर के सार्वजनिक तालाब को पाटने से आम किसानों-नागरिकों का तालाब उपयोग निस्तार बंद हो गया है।
इन सब की शिकायत अनेकानेक बार प्रशासन से किया गया है। लेकिन प्रशासन द्वारा समाधान कारक कार्यवाही नहीं किया जा रहा है।
इन सब मुद्दों पर GSS/LSU द्वारा जन आंदोलन संगठित करने हेतु तैयारी किया जा रहा है और 04-03-24 को मस्तूरी में SDM के
*संतोष सोल्डे*
( प्रवक्ता GSS मस्तूरी क्षेत्र जिला बिलासपुर)





