
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 70 वर्षीय महिला से ठगी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली और मध्यप्रदेश में छिपे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा और करीब पांच लाख रुपये की ठगी का सामान बरामद किया। घटना 18 अप्रैल की है, जब सिविल लाइन थाना क्षेत्र में रहने वाली बुजुर्ग महिला हेमतला भोसले को सोने के जेवरों का शुद्धिकरण करने के नाम पर चार शातिर ठगों ने बातों में उलझाकर उनके गहने ठग लिए। महिला को कागज का बंडल थमाकर आरोपी मौके से फरार हो गए।घटना की सूचना मिलते ही बिलासपुर पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की और जांच शुरू कर दी।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में साइबर सेल और सिविल लाइन थाना की टीम ने टेक्निकल इनपुट और CCTV फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की।करीब 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद पुलिस को ठगों के दिल्ली में छिपे होने की जानकारी मिली। टीम जब दिल्ली पहुंची तो पता चला कि आरोपी उज्जैन भाग चुके हैं। इसके बाद पुलिस टीम उज्जैन पहुंची और चारों आरोपियों को पकड़कर वापस दिल्ली लाकर पूछताछ की गई।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनोज सोलंकी, शांति देवी, विजय सोलंकी और सीमा सोलंकी के रूप में हुई है। चारों दिल्ली के रहने वाले हैं और देशभर में ठगी की घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से दो सोने की चूड़ियां, दो सोने की चेन और 10 हजार रुपये नगद जब्त किए हैं।पूछताछ में आरोपियों ने रायपुर के गोलबाजार थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की बात स्वीकार की है। वहां भी बुजुर्ग महिला से जेवर ठगने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।

इस पूरे अभियान में साइबर सेल के प्रभारी, थाना सिविल लाइन की टीम और विशेष जांच अधिकारियों की भूमिका सराहनीय रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को उनकी सतर्कता और सफलता के लिए इनाम देने की घोषणा की है।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र जायसवाल, नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह, थाना प्रभारी अजहररुद्दीन, साइबर सेल प्रभारी अनुज कुमार, और निरीक्षक ओपी कुर्रे के नेतृत्व में बनी टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी और फील्ड में कार्रवाई करते हुए यह सफलता हासिल की।




